वॉइस ऑफ मारवाड़।

पाली।

विश्व स्तनपान दिवस के अवसर पर प्रश्नोत्तरी एवं संगोष्ठी आयोजित
संगोष्ठी में बताया कि मॉं का दूध अमृत समान, इसका कोई विकल्प नहीं है

पाली। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा आमजन को स्तनपान के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विश्व स्तनपान सप्ताह प्रतिवर्श 1 से 8 अगस्त के मध्य विभिन्न आयोजनों के साथ मनाया जाता है ताकि आमजन को विशेषरूप से माताओं को स्तनपान के बारे में पर्याप्त जानकारी मिल सके तथा सभी मातायें अपने बच्चों को पर्याप्त स्तनपान करवायें। इसी को लेकर सेामवार को ए.एन.एम. प्रशिक्षण केन्द्र पर प्रशिक्षणाधीन प्रशिक्षणार्थियों के लिये एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया ताकि वे इस बाबत विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकें तथा अपने अपने क्षेत्र को लोगों को जागरूक कर सकें, संगोष्ठी के बाद प्रशिक्षणार्थियों के लिये प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विकास मारवाल ने बताया कि हर वर्ष स्तनपान के बारे में जनजागरण हेतु विभिन्न स्तरों पर कई प्रकार की गतिविधियां जिले में आयोजित की जायेंगी। सीएमएचओ डॉ. विकास मारवाल ने बताया कि जिला मुख्यालय पर ए.एन.एम. प्रशिक्षण केन्द्र पर प्रशिक्षणाधीन प्रशिक्षणार्थियों के लिये आयोजित हुई प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में प्रशिक्षण केन्द्र के प्रधानाचार्य के. सी. सैनी द्वारा प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का संचालन किया गया,जिसमें स्तनपान के बारे में प्रश्न पूछे ,जिसमें सभी प्रशिक्षणार्थियों ने भारी उत्साह के साथ भाग लिया तथा प्रश्नों के उत्तर दिये। उन्होंने बताया कि स्तनपान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में प्रशिक्षण केन्द्र की प्रशिक्षणार्थी क्रमशः ज्योति राजपुरोहित, लीला गूर्जर, ज्योति, संगीता बिश्नोई, किरण राठौड़, मन्जु कुमारी, किरण देवी, रिन्कु सीरवी, नाजमीन एवं खुशबु कुमारी द्वारा प्रश्नों के सही उत्तर देने पर उन्हें विजेता घोषित किया गया तथा उन्हें प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किये गये। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता के सफल संचालन में ए.एन.एम. प्रशिक्षण केन्द्र के प्रशिक्षक श्रीमती लूसी चाको, श्रीमती जिस्मा जोन, मदन गोपाल वैष्णव, दिनेश कुमार, पारसमल कुमावत एवं महेन्द्र कुमार का सहयोग रहा। प्रतियोगिता के दौरान सभी प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।

मॉं के दूध के अनगिनत फायदे बताये

ए.एन.एम. प्रशिक्षण केन्द्र पर आयोजित संगोष्ठी में प्रशिक्षण केन्द्र के प्रधानाचार्य के. सी. सैनी ने प्रशिक्षणार्थियों को जानकारी देते हुये बताया कि स्तनपान के बारे में आज भी काफी संख्या में माताओं में पर्याप्त जानकारी का अभाव देखा गया है, इस कारण बच्चों को पर्याप्त मात्रा में मॉं का दूध नहीं मिल पाता है, इस कारण बच्चों मे कई प्रकार की समस्यायें, विशेषरूप से कुपोषण जैसी घातक परेशानियां देखने को मिलती हैं,जिन्हें आसानी से सही स्तनपान को बढावा देकर रोका जा सकता है। प्रधानाचार्य के.सी. सैनी ने स्तनपान के फायदों पर प्रकाश डालते हुये प्रशिक्षणाथियों को बताया कि मॉं का दूध शिशुओं का सर्वोत्तम एवं सम्पूर्ण आहार है, जिसका कोई विकल्प उपलब्ध नहीं है, मॉं का दूध बच्चों के लिये अमृत समान है, जिसका कोई भी नुकसान नहीं है। इससे बच्चे एवं मॉं में भवनात्मक जुड़ाव पैदा होता है, जिससे बच्चे का सर्वांगीण विकास होता है, स्तनपान करने वाले बच्चों में अपेक्षाकृत बीमारियां कम होती हैं तथा ऐसे बच्चों में मृत्यु दर भी कम होती है। उन्होंने यह भी बताया कि चाहे नोरमल डिलीवरी हुई हो या सिजेरियन ऑपरेशन से डिलीवरी हुई हो, दोनों ही परिस्थितियों में ही शिशु जन्म के एक घंटे के अंदर अंदर शिशु को स्तनपान प्रारम्भ करवा देना चाहिये । उन्होंने बताया मॉं के दूध के अनगिनत फायदे हैं, उन्होंने सभी माताओं का जागरूक करने का आह्वान किया तथा बताया कि बोतल से दूध पिलाने की आदत को तुरन्त बन्द करने हेतु सभी माताओं की समझाईस की जानी चाहिये।

शिशु को छः माह तक सिर्फ स्तनपान ही करवाये , पानी भी नहीं पिलायें

संगोष्ठी में जानकारी देते हुये प्रशिक्षण केन्द्र के प्रधानाचार्य के. सी. सैनी ने बताया कि शिशु को छः माह की आयु तक सिर्फ स्तनपान ही करवाया जाना चाहिये, यहॉं तक की पानी भी नहीं देना चाहिये, छः माह की उम्र के बाद शिशु को स्तनपान के साथ साथ कुछ ऊपरी आहार देना भी शुरू कर देना चाहिये, बच्चे को कम से कम दो वर्ष तक की आयु तक स्तनपान करवाना जारी रखना चाहिये ताकि बच्चे का विकास एवं वृद्धि प्रभावीरूप से हो सके। शिशु को रात में भी स्तनपान करवाने की सलाह दी जानी चाहिये ,क्योंकि रात के समय प्रोलैक्टिन हार्मोन अधिक मात्रा मेें बनता है,जो दूध निर्माण हेतु आवश्यक है। संगोष्ठी के दौरान ए.एन.एम. प्रशिक्षण केन्द्र के सभी प्रशिक्षकों सहित सभी प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे। संगोष्ठी के अंत में प्रशिक्षणार्थियों ने स्तनपान के बारे में शंकाओं का समाधान भी किया।

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